Issue 1
The lucknow catalyst
लखनऊ का एक आम फूड डिलीवरी बॉय, 22 वर्षीय विनोद वर्मा, एक रात विकासनगर झुग्गी के एक गुप्त गोदाम में डिलीवरी देने पहुँचता है। वहाँ सुरक्षाकर्मियों की लापरवाही से V.E.G.A. नाम के एक खतरनाक केमिकल कंपाउंड में भयंकर ब्लास्ट हो जाता है। धमाके के केंद्र में होने के बावजूद विनोद मरता नहीं; बल्कि उसका शरीर पचास सिलेंडरों के फटने से निकले पूरे दबाव और गतिज ऊर्जा (kinetic force) को अपने अंदर सोख लेता है। इस हादसे से विनोद को अविश्वसनीय शक्तियां मिलती हैं, जो उसे सीधे लखनऊ के सबसे रसूखदार सिंडिकेट किंगपिन, ज़मीर ज़ैदी के काले साम्राज्य के सामने लाकर खड़ा कर देती हैं।
